गुजरात पुलिस के एक कांस्टेबल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों और सरकार विरोधी माहौल के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए पद से इस्तीफा दे दिया है।
पूर्वी कच्छ के आडेसर पुलिस स्टेशन में तैनात कांस्टेबल रामगर मोहनगर गोसाईं ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों ने उन्हें यह बड़ा व्यक्तिगत फैसला लेने के लिए प्रेरित किया।
एक खूद से रिकॉर्ड की गई वीडियो संदेश में रामगर मोहनगर गोसाईं ने बताया कि पुलिस विभाग में सरकारी नौकरी हासिल करना उनके लिए आसान नहीं था।
उन्होंने कहा कि मैंने बहुत कड़ी मेहनत और समर्पण के बाद सरकारी नौकरी हासिल की थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के मौजूदा हालात को देखते हुए उन्होंने नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बना करियर का टर्निंग प्वाइंट
मोहनगर गोसाईं ने इस्तीफे के पीछे के कारणों को स्पष्ट करते हुए गोसाईं ने विपक्षी दलों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों को अपने जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ बताया।
उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री द्वारा युवाओं के हित में कई फैसले लिए गए, जिसने उन्हें सरकारी सेवा छोड़कर सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता की राह चुनने के लिए प्रेरित किया।
वीडियो संदेश में कांस्टेबल ने कहा कि देश में हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद और युवाओं के हित में मोदी साहब द्वारा लिए गए निर्णयों को स्वीकार करते हुए, मैं मोदी सरकार और संघ के समर्थन में पुलिस कांस्टेबल के पद से इस्तीफा दे रहा हूं।
अब मैं अपना जीवन और सेवा बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के निस्वार्थ राष्ट्र सेवा में समर्पित संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अर्पित करना चाहता हूं। इसके साथ ही उन्होंने अगले राष्ट्रीय चुनाव चक्र तक अपने दैनिक जीवन को लेकर भी एक व्यक्तिगत संकल्प लेने की घोषणा की है।

