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सीएम योगी ने दी अखिलेश को खुली चुनौती- आइए, अयोध्या से किस्मत आजमाते हैं

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मंच से बोलते सीएम योगी आदित्यनाथ।
                     मंच से बोलते सीएम योगी आदित्यनाथ।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां पाटेश्वरी की धरा बलरामपुर के विकास के लिए। 803 करोड़ रुपये से अधिक की 78 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने अयोध्या विधानसभा सीट के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव को खुली चुनौती दी, कहा- चेले को हटाइए। आइए, हम और आप दोनों किस्मत आजमाते हैं।

बौखला गए हैं बबुआ

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के बबुआ बौखला गए हैं। वह मुझसे कहते हैं कि मुख्यमंत्री अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखा दें। अखिलेश जी, अयोध्या हमारा पावन धाम और आस्था की स्थली है। मैं वहां इसलिए बार-बार जाता हूं, जिससे विकास में कोई कोताही न हो। जिस अयोध्या को सपा तीन से चार घंटे बिजली देती थी, जहां जय श्रीराम बोलने पर आपकी सरकार ने प्रतिबंध लगाया था, वह अयोध्या फिर से राम राज्य का नया उदाहरण बन उठकर त्रेता युग का स्मरण करा रही है।

आइए, अयोध्या से किस्मत आजमाते हैं

सीएम योगी ने अखिलेश यादव को खुला प्रस्ताव दिया। कहा कि आइए, आप भी अयोध्या से नामांकन करिए और मैं भी। एक बार दोनों किस्मत आजमा लेते हैं। लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए। सीएम ने तंज कसा कि माफिया के सामने नाक रगड़ने और उनकी कब्र पर फातिहा पढ़ने वाले हम लोगों से क्या ही लड़ पाएंगे, क्योंकि जनता तो पहले ही इनकी छुट्टी कर चुकी है। इनकी स्थिति ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ जैसी हो चुकी है। विधानसभा का चुनाव परिणाम फिर 80-20 का होगा। 80 फ़ीसदी सीटों पर भाजपा का एनडीए और 20 फीसदी पर इनका गठबंधन रहेगा। सीएम ने अपने सभी जनप्रतिनिधियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने गैंसड़ी विस क्षेत्र के लिए सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हम वहां पैसा देना चाहते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी की विकास कार्य में रुचि नहीं है।

पीडीए से नहीं, अखिलेश के चचाजान और धन्ना सेठ गए राज्यसभा

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए पर निशाना भी साधा। कहा कि इस ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ की परिवार के बाहर कोई सोच ही नहीं है। अभी राज्यसभा चुनाव में इन्होंने दो प्रत्याशी खड़े किए, लेकिन इनमें कोई दलित, पिछड़ा (कुर्मी, पाल आदि), ब्राह्मण, कायस्थ, वैश्य, क्षत्रिय, खत्री आदि प्रत्य़ाशी नहीं था। एक सीट पर अखिलेश यादव के चचाजान (रामगोपाल यादव) थे और दूसरी इन्होंने एक धन्ना सेठ को बेच दी। परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी में जो पराया धन दे, वही अपना है। पीडीए का वास्तविक मतलब- प्रदेश डुबाऊ अलायंस है। इन्होंने प्रदेश को डुबाया, नौजवानों की नौकरी पर डकैती डाली और बलरामपुर को देश का सबसे गरीब जनपद बना कर छोड़ दिया।

सीएम ने विधायकों की सराहना

सीएम ने कहा कि अपने जनप्रतिनिधियों से खूब मेहनत कराइए, हम बलरामपुर के विकास में कभी कमी नहीं आने देंगे। सीएम ने परिश्रम के लिए विधायकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां आकर लगता है कि घर आया हूं। मां पाटेश्वरी धाम ने सम-विषम परिस्थितियों में इस सीमावर्ती क्षेत्र को देश व धर्म के साथ जुड़ने और हर चुनौती का सामना करने की सामर्थ्य दी।

 

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